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अनुसूचित जनजाति कल्‍याण

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अनुसूचित जनजातियों का संक्षिप्त विवरण


उत्तराखण्ड में निवासरत् भोटिया, थारू, जौनसारी,बुक्शा एंव राजी को वर्ष 1967 में अनुसूचित जनजाति घोषित किया गया था। उक्त पाॅच जनजातियों मे बुक्सा एवं राजी जनजाति आर्थिक, शैक्षिक एवं सामाजिक रूप से अन्य जनजातियों की अपेक्षा काफी निर्धन एवं पिछड़ी होने के कारण उन्हें आदिम जनजाति समूह की श्रेणी में रखा गया है।

जनसंख्या वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार

प्रदेश की कुल जनसंख्या

1,00,86,292

अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या

2,91,903

बी.पी.एल. परिवारो के अनुसूचित जनजतियों की जनसंख्या

26,295

साक्षरता का दर वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार

सामान्य

अनुसूचित जनजाति में

पुरूष

महिला

कुल

पुरूष

महिला

कुल

87.4

70.0

78.8

83.6

63.9

73.9

वर्ष 2001 की जनगणना के अनुसार जनपदवार निवासरत् अनुसूचित जनजातियों की जनसंख्या निम्न प्रकार है-

 

क्र.स. 

जनपद का नाम 

कुल जनसंख्या 

कुल जनसंख्या में अनुसूचित जनजातियों का विवरण 

राजी 

थारू 

भोटिया 

बुक्सा 

जौनसारी 

1

2

3

4

5

6

7

8

1

रूद्रप्रयाग

186

0

0

186

0

0

2

टिहरी गढवाल

691

0

0

0

0

691

3

चम्पावत

742

126

0

616

0

0

4

अल्मोड़ा

878

0

0

878

0

0

5

पौडी गढवाल

1500

0

0

0

1500

0

6

बागेश्वर

1943

0

0

1943

0

0

7

उत्तरकाशी

2685

0

0

2685

0

0

8

हरिद्वार

2884

0

0

0

2884

0

9

नैनीताल

4981

0

0

2037

2944

0

10

चमोली

10484

0

0

10484

0

0

11

पिथौरागढ

19279

556

0

18723

0

0

12

देहरादून

99702

0

0

2855

22508

74339

13

ऊधमसिहनगर

110174

0

82790

0

27384

0

कुल जनसंख्या

256129

682

82790

40407

57220

75030

               राज्य सरकार की प्रतिबद्वताओं के अनुसार अनुसूचित जनजातियों के कल्याण एवं उनके जीवन स्तर में सुधार को उच्च प्राथमिकता दी गयी है,  इन वर्गो के लोगों के आर्थिक,  सामाजिक एवं शैक्षिक उत्थान हेतु कई योजनाओं का संचालन किया जा रहा है जिससे इनका सर्वागीण विकास हो सकें। इस वर्ग के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का मुख्य उद्देश्य अनुसूचित जनजातियों का शैक्षिक,  सामाजिक एंव आर्थिक स्तर पर उन्हें सहयोग कर समाज के मुख्य धारा से जोड़ना है।

योजना का नाम 

1.   छात्रवृत्ति योजना

अ.     पूर्वदशम कक्षाओं (कक्षा से तक) एवं आई.टी.आई. छात्रवृत्ति-

योजना का उद्देश्य

उत्तराखण्ड शासन द्वारा राज्य के अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों को साक्षर एवं शिक्षित बनाने के उद्देश्य से छात्रवृत्ति योजनायें संचालित की जा रही है। शिक्षा के प्रति प्रेरित करने एवं शिक्षा हेतु आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने हेतु विभाग द्वारा उन्हें प्राईमरी स्तर से स्नातकोत्तर स्तर तक छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है ।

क. छात्रवृत्ति की दरें-

क्र.स.

अध्ययन पाठ्यक्रम

दरें प्रति छात्र/छात्रा

1

कक्षा 1 से 5

रू0-50/- प्रतिमाह

2

कक्षा 6 से 8

रू0-80/- प्रतिमाह

 

 

लाभाविन्त हेतु पात्रता

आय सीमा:

प्रदेश के विद्यालयों में अध्ययनरत् कक्षा 1 से 8 तक के सभी जनजाति के छात्र/छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है । अशासकीय विद्यालयो में अध्ययनरत् जनजाति छात्र/छात्राओं के माता-पिता/अभिभावक की मासिक आय रू. 5000/- से अधिक नही होनी चाहिए।

ख- कक्षा एंव 10 हेतु छात्रवृत्तिः-

जनजातीय कार्य मन्त्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली के पत्र दिनांक 10 सितम्बर, 2012 द्वारा कक्षा 09 व 10 के जनजातीय छात्र/छात्राओं हेतु जिनके परिवार की वार्षिक आय रू0 2.00 लाख से अधिक न हो, छात्रावासी (Hostellers) हेतु छात्रवृत्ति रू0 350.00 प्रतिमाह की दर से 10 माह के लिए एवं पुस्तकीय व अनावर्ती सहायता रू0 1000.00 प्रतिवर्ष तथा बिना छात्रावासी (Day Hostellers) हेतु छात्रवृत्ति रू0 150.00 प्रतिमाह की दर से कुल 10 माह के लिए और पुस्तकीय व अनावर्ती सहायता रू0 750.00 प्रतिवर्ष की दर से वहन किए जाने की दिनांक 01.7.2012 से योजना प्रारम्भ की गई है।

ब. दशमोत्तर कक्षाओं में छात्रवृत्ति:

उत्तराखण्ड प्रदेश में अनुसूचित जनजाति के उन समस्त छात्र/छात्राओं को दशमोत्तर कक्षाओं में छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है, जिनके माता पिता/अभिभावक की वार्षिक आय समस्त स्रोतों से रू0 2.50 लाख  (रूपये दो लाख पचास हजार मात्र) से अधिक नही है, यह छात्रवृत्ति भारत सरकार द्वारा निर्धारित नियमावली के अन्तर्गत प्रदान की जाती है, प्रदेश के उन छात्र/छात्राओं को भी छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है जो प्रदेश से बाहर विभिन्न कालेजों में उच्च शिक्षा में अध्ययनरत् है।

दशमोत्‍तर छात्रवृत्ति (जनजाति वर्ग) की दरें निम्न प्रकार हैं:-

 (धनराशि रूमें )

क्र.सं.

अध्ययन पाठ्यक्रम

छात्रावासी छात्रों हेतु (प्रतिमाह)

बिना छात्रावासी छात्रों हेतु (प्रतिमाह)

1

समूह-1

(i) स्नातक व परास्नातक कार्यक्रम जिनमें एम. फिल., पी.एच.डी. तथा पोस्ट डाक्टोरल अनुसंधान सम्मिलित है, इनके अन्तर्गत चिकित्सा औषधि विज्ञान (एलोपेथिक, भारतीय तथा अन्य मान्यता प्राप्त औषधि पद्धतियां) अभियांत्रिकी, प्रौद्योगिकी, प्लानिंग, आर्किटेक्चर, डिजाईन, फैशन टैक्नोलोजी, कृषि, पशु चिकित्सा एवं अन्य सम्बद्ध पाठ्यक्रम, प्रबन्धन, बिजनेस, वित्‍तीय प्रशासन तथा कम्प्यूटर अनुप्रयोग सम्मिलित है।

(ii) वाणिज्यिक पायलट लाईसेन्स (हैलीकाप्टर पायलट तथा मल्टी इंजन रेटिग पाठ्यक्रम)

(iii) प्रबन्ध व चिकित्सा की विविध शाखाओं में परास्नातकीय डिप्लोमा पाठ्यक्रम

(iv) सी.ए./आई.सी.डब्ल्यू.ए./सी.एस./ आई.सी.एफ.ए. आदि

(v) एम.फिल.,पी.एच.डी. तथा पोस्ट डाक्टोरल कार्यक्रम (डी.लिट.,डी.एससी. आदि)-

(a) समूह-II में सम्मिलित कार्यक्रम    

(b) समूह-III में सम्मिलित कार्यक्रम

(vi) एल.एल.एम.

1200.00

550.00

2

समूह-2

(i) स्नातक/परास्नातक डिग्री, डिप्लोमा, प्रमाण पत्र कार्यक्रम के अन्तर्गत फार्मेसी (बी.फार्मा.), नर्सिग (बी-नर्सिग), एलएलबी, बीएफएस, अन्य पैरामेडिकल शाखा जैसे- रिहैबिलिटेशन, डाइगनोस्टिक्स आदि,मास कम्यूनिकेशन,होटल मैनेजमैन्ट व केटरिंग, ट्रैवल/टूरिज्म/ हॉस्पिटैलिटी मैनेजमैन्ट, इन्टिरियर डैकोरेशन, न्यूट्रिशन एण्ड डाइटेटिक्स, कॅामर्शियल आर्ट, फाईनेन्शियल सर्विसेज (बैकिंग, बीमा, टैक्शेसन आदि) जिनके लिए प्रवेश परीक्षा हेतु शैक्षाणिक अर्हता कम से कम इण्टरमीडिएट  होनी चाहिए।

(ii) समूह-I के अन्तर्गत न आने वाले परास्नातक पाठ्यक्रम जैस एम.ए., एम.एस. सी., एम.कॉम, एम.एड., एम.फार्मा आदि।

820.00

530.00

3

समूह-3

समूह-1 व 2 के अन्तर्गत न आने वाले अन्य सभी स्नातकीय पाठ्यक्रम/कार्यक्रम जैसे-बी.ए./बी.एस.सी./बी.काॅम आदि

570.00

300.00

4

समूह-4

पोस्ट मैट्रिकुलेशन श्रेणी के सभी पाठ्यक्रम जिनके लिए प्रवेश हेतु अर्हता हाईस्कूल (कक्षा-10) हो। उदाहरणार्थ सीनियर सैकण्डरी सर्टिफिकेट (कक्षा-11 व 12), आई.टी.आई. पाठ्यक्रम, 3 वर्ष हेतु पॉलीटेक्नीक पाठ्यक्रम आदि

380.00

230.00

 

(2)          राजकीय आश्रम पद्वति विद्यालयों का संचालन:

योजना का उद्देश्य

                उत्तराखण्ड राज्य में निवासरत् अनुसूचित जनजातियों के बालक/बालिकाओ के शैक्षिक उत्थान एवं विकास हेतु विभाग द्वारा  वर्तमान मे  16 राजकीय आश्रम पद्वति विद्यालयों का निम्न प्रकार संचालन किया जा रहा है, जिनमें बालिकाओं हेतु 4 हाईस्कूल स्तर तक 1 जूनियर हाईस्कूल है, इसी प्रकार बालकों हेतु 8 हाईस्कूल स्तर तक तथा 1 जूनियर हाईस्कूल स्तर तथा 2 प्राईमरी स्तर के  विद्यालयों का संचालन किया जा रहा है । उत्तराखण्ड राज्य के गठन के उपरान्त जो विद्यालय किराए में चल रहे थे के भवनो ंका निर्माण कार्यो की स्वीकृति प्रदान की गयी तथा पुराने भवनों का जीर्णोद्वार किया गया, राजकीय आश्रम पद्वति विद्यालयों में प्रारम्भिक कक्षा से अन्तिम कक्षा तक निःशुल्क भोजन, वस्त्र, आवास, स्टेशनरी तथा दवाई आदि की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है, प्रदेश में सचालित विद्यालयों का विवरण निम्न प्रकार है।

क्र.स.

संस्था का नाम

छात्र क्षमता

भवन की स्थिति

1

राजकीय आश्रम पद्वति (बालक) विद्यालय जोशीमठ चमोली  कक्षा 6 से 10 तक

175

विभागीय भवन

2

राजकीय आश्रम पद्वति (बालिका) विद्यालय लागापोखरी देहरादून कक्षा 1 से 10 तक

300

विभागीय भवन

3

राजकीय आश्रम पद्वति (बालक) विद्यालय हरिपुर कालसी देहरादून कक्षा 6 से 10 तक

175

विभागीय भवन

4

राजकीय आश्रम पद्वति (बालक) विद्यालय त्यूणी देहरादून कक्षा 6 से 10 तक

175

विभागीय भवन

5

राजकीय आश्रम पद्वति (बालिका) विद्यालय लाखामण्डल देहरादून कक्षा 6 से 10 तक

185

विभागीय भवन

6

राजकीय आश्रम पद्वति (बालक) विद्यालय विन्सौण चकराता देहरादून कक्षा 1से 5 तक

175

निर्माणधीन/किराए के भवन में संचालित

7

राजकीय आश्रम पद्वति (बालक) विद्यालय लालढांग हरिद्वार कक्षा 6 से 8 तक

105

विभागीय भवन

8

राजकीय आश्रम पद्वति (बालिका) विद्यालय लालढांग हरिद्वार कक्षा 1 से 5 तक

150

विभागीय भवन

9

राजकीय आश्रम पद्वति (बालिका) विद्यालय गोठी हाल बलुवाकोट पिथौरागढ कक्षा 1 से 10 तक

310

रा0 आ0 प0 विद्यालय  (बालक) बलुवाकोट के भवन में संचालित है

10

राजकीय आश्रम पद्वति (बालक) विद्यालय मुनस्यारी पिथौरागढ कक्षा 6 से 10 तक

175

विभागीय भवन

11

राजकीय आश्रम पद्वति (बालक) विद्यालय बलुवाकोट पिथौरागढ कक्षा 1से 10 तक

245

विभागीय भवन

12

राजकीय आश्रम पद्वति (बालक) विद्यालय खटीमा उधमसिहनगर कक्षा 1 से 10 तक

245

विभागीय भवन

13

राजकीय आश्रम पद्वति (बालिका) विद्यालय खटीमा उधमसिहनगर कक्षा 6 से 8 तक

105

विभागीय भवन

14

राजकीय आश्रम पद्वति (बालक) विद्यालय गदरपुर उधमसिहनगर कक्षा 6 से 10 तक

175

विभागीय भवन

15

राजकीय आश्रम पद्वति (बालिका) विद्यालय गूलरभोज उधमसिहनगर कक्षा 6 से 10 तक

185

विभागीय भवन

16

राजकीय आश्रम पद्वति (बालक) विद्यालय विडौरा उधमसिहनगर कक्षा 6 से 10 तक

175

विभागीय भवन

 

कुल

3055

 

3    राजकीय जनजाति छात्रावास :

                अनुसूचित जनजातियों के शैक्षिक विकास हेतु वर्तमान में चार छात्रावास क्रमशः धारचूला (पिथौरागढ) गोपेश्वर (चमोली) काशीपुर एवं खटीमा (उधमसिहनगर) में संचालित है। अनुसूचित जनजाति के दुरस्थ स्थानों से ब्लाक/जनपद मुख्यालयों पर अध्ययन करने वाले छात्रों को प्रवेश दिए जाता है एवं छात्रावास में छात्रों को निःशुल्क आवासीय सुविधा के साथ-साथ भोजन सुविधा भी प्रदान की जाती है। प्रति छात्रावास छात्र क्षमता 50 स्वीकृत है।

क्र.स.

संस्था का नाम

छात्र क्षमता

भवन की स्थिति

1

राजकीय जनजाति छात्रावास गोपेश्वर चमोली

50

विभागीय भवन

2

राजकीय जनजाति छात्रावास धारचूला पिथौरागढ

50

विभागीय भवन

3

राजकीय जनजाति छात्रावास काशीपुर उधमसिहनगर

50

विभागीय भवन

4

राजकीय जनजाति छात्रावास खटीमा उधमसिहनगर

50

विभागीय भवन

4.     आई.टी.आई. का संचालन:

                अनुसूचित जनजाति के शिक्षित बेरोजगार युवक/युवतियों को तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराये जाने के उद्देश्य से विभाग द्वारा जनपद ऊधमसिहनगर के खटीमा एवं गूलरभोज में 2 तथा जनपद देहरादून के चकराता में 01 कुल 03 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों का संचालन किया जा रहा है, इन संस्थानों में हिन्दी आशुलिपि, कम्प्यूटर व्यवसाय (कोपा), वैल्‍डर, इलैक्ट्रिशियन, मोटर मैकेनिक, डीजल मैकेनिक, सुईग तथा कंटिग तथा फिटर व्यवसाय में प्रशिक्षण दिये जाने की व्यवस्था है तथा इन संस्थानों में प्रशिक्षणार्थियों को निःशुल्क प्रशिक्षण के साथ साथ भोजन, आवासीय सुविधा, वस्‍त्र एवं स्टेशनरी प्रदान की जाती है, तीनों संस्थान शासकीय भवनों में सचालित है। संचालित औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों का विवरण निम्नवत् है।

क्र.स.

संस्था का नाम

छात्र क्षमता

1

राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान चकराता जनपद देहरादून

60

2

राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान गूलरभोज जनपद ऊधमसिहनगर

126

3

राजकीय प्रशिक्षण संस्थान खटीमा जनपद ऊधमसिहनगर

194

5   संविधान के अनुच्छेद 275(1) के अन्तर्गत आर्थिक सहायता :

                अनुसूचित जनजाति बाहुल्य क्षेत्रों में अवस्थापना सुविधाओं के विकास हेतु योजनान्तर्गत भारत सरकार द्वारा 100 प्रतिशत केन्द्रीय सहायता योजना संचालित की जा रही है, जिसके अन्तर्गत अवस्थापना सुविधाओं के विकास के अतिरिक्त आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।

6.   एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय का संचालन :

                प्रदेश में कालसी-देहरादून में एकलव्य आवासीय विद्यालय के भवन के निर्माण की कार्यवाही कार्यदायी संस्था उ0प्र0 समाज कल्याण निर्माण निगम लि0 देहरादून द्वारा की जा रही है। उक्त विद्यालय कक्षा 06 से 12 तक संचालित होगा जिसमें अनुसूचित जनजाति के प्रतिभावान छात्र/छात्राओं को प्रवेश दिया जाएगा। इस योजना में भारत सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2006-07 तक रू0 250.00 लाख की धनराशि स्वीकृत की गई है। वित्तीय वर्ष 2007-08 में रू0 220.00 लाख की धनराशि राज्य सैक्टर के कार्यदायी संस्था को उपलब्ध कराई गयी है तथा वर्ष 2010-11 से विद्यालय में कक्षा 06 प्रारम्भ की गयी थी। वर्तमान में विद्यालय में कक्षा 6 से 10 तक संचालित है। जिसमें कुल 300 विद्यार्थी निवासरत्/शिक्षारत है।                        

7.    आदिम जनजाति (बुक्शा एवं राजी) के लिए कल्याणकारी कार्यक्रम:

                वर्ष 1967 में भारत सरकार द्वारा 5 जनजातियां क्रमशः थारू, बुक्शा, भोटिया, राजी एवं जौनसारी को अनुसूचित जनजाति घोषित किया गया है, उक्त पांचों जनजातियों में बुक्शा एवं राजी जनजाति अन्य जनजातियों से काफी पिछड़ी एवं निर्धन होने के कारण उन्हें आदिम समूह की में रखा गया है, बुक्शा जनजाति जो जनपद देहरादून के विकासनगर सहसपुर, विकासनगर, डोईवाला, जनपद पौड़ी गढवाल के विकासखण्ड दुग्गडा, जनपद हरिद्वार के विकासखण्ड बहादराबाद, (लालढांग परिक्षेत्र) जनपद उधमसिहनगर के विकासखण्ड बाजपरु, गदरपुर, काशीपुर, जनपद नैनीताल के विकासखण्ड रामनगर, राजी जनजाति जनपद पिथौरागढ के धारचूला, कनालीछीना, डीडीहाट एवं जनपद चम्पावत के विकासखण्ड चम्पावत में मुख्य रूप सें निवासरत है।

                उक्त दोनों जनजातियों के विकास हेतु भारत सरकार द्वारा शत् प्रतिशत अनुदान की  येाजना क्रियान्वयन की गई है, जिसमें राज्य सरकार की संस्तुति के आधार पर केंन्दांश की धनराशि भारत सरकार द्वारा स्वीकृत की जाती है।

8.    जनजातियों के लिए जनजाति उपयोजना:

अनुसूचित जनजातियों के लिए जनजाति उपयोजनान्तर्गत भारत सरकार द्वारा 100 प्रतिशत केन्द्रीय सहायता उपलब्ध करायी जाती है। इस योजना के अन्तर्गत अनुसूचित जनजातियों के व्यक्तियों के सामाजिक, आर्थिक एंव शैक्षिक विकास हेतु प्रस्ताव तैयार कर जनजाति कार्य मंत्रालय, भारत सरकार को उपलब्ध कराए जाते है। जनजाति कार्य मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रस्तावों पर स्वीकृति प्रदान कर धनराशि राज्य सरकार को आवंटित की जाती है।

 

 

9.   प्रतियोगी परीक्षा पूर्व कोचिंग केन्द्रों द्वारा प्रतिभागी को प्रशिक्षण:

उक्त योजनान्तर्गत अनुसूचित जनजाति के छात्र/छात्राओं के रोजगार के अवसर बढाने हेतु विभिन्न सरकारी एवं गैर सरकारी संगठनों एवं निजी संस्थाओं के माध्यम से विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु परीक्षा पूर्व कोचिंग की निःशुल्क व्यवस्था के लिए राज्य में निजी कोचिंग सेन्टरों का चयन किया जाता है। चयनित कोचिंग केन्द्रो के माध्यम से कोचिंग प्राप्त करने वाले अनुसूचित जनजाति के युवको/युवतियों को रू 750.00  प्रतिमाह (स्थानीय) तथा रू 1500.00 प्रतिमाह (बाहरी) छात्रवृत्ति प्रदान किये जाने की व्यवस्था है।

11.   अनुसूचित जनजाति की पुत्रियों की शादी एंव बीमारी हेतु अनुदान योजना :

अनुसूचित जाति की भाॅति अनुसूचित जनजाति के गरीबी की सीमा रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवार, जिनकी आय सीमा रू. 15,000/-  (रू. पन्द्रह हजार मात्र) वार्षिक अथवा बी.पी.एल. परिवार से सम्बन्धित हों, को अधिकतम दो पुत्रियों के विवाह हेतु आर्थिक सहायता के रूप में एकमुश्त रू. 50,000/-  (रू. पचास हजार मात्र) की धनराशि प्रदान की जाएगी। सामान्य श्रेणी के बी.पी.एल. परिवार की विधवाओं की अधिकतम दो पुत्रियों को भी उनके विवाह हेतु आर्थिक सहायता के रूप में एकमुश्त रू. 50,000/- (रू. पचास हजार रू. मात्र) की धनराशि प्रदान की जायेगी। बीमारी के ईलाज हेतु अनुसूचित जनजाति के व्यक्तियों, जिनकी आय सीमा रू. 15,000/- वार्षिक अथवा बी.पी.एल. परिवार से सम्बन्धित हों, को आर्थिक सहायता के रूप में रूपये 10,000/- तक (यथास्थिति बीमारी के स्वरूपानुसार) की धनराशि प्रदान की जाती है। आवेदकों को निम्न वरियतानुसार धनराशि की स्वीकृति प्रदान किये जाने का प्राविधान किया गया है।

1- अन्तोदय कार्ड धारक आवेदनकर्ता।

2- बी.पी.एल. विधवा आवेदनकर्ता।

3- बी.पी.एल. आवेदनकर्ता।

बी.पी.एल. आवेदनकर्ता को बी.पी.एल. के साक्ष्य के रूप में बी.पी.एल. कार्ड अथवा बी.पी.एल. क्रमांक का विवरण आवश्यक रूप से उपलब्ध कराया जाना होगा। इस संबंध में अन्य कोई साक्ष्य मान्य नहीं होंगे।

 

 12.   स्वैच्छिक संगठनों द्वारा शिक्षा सम्बन्धी कार्य तथा उन्हे दी जाने वाली आर्थिक सुविधायें

ऐसे स्वैच्छिक संगठन जो अनुसूचित जनजाति बाहुल्य क्षेत्रो में जनजातियों के शैक्षिक एवं आर्थिक विकास के लिए कार्यरत है उन्हे आवर्तक में अनुदान दिए जाने का प्राविधान है तथा ऐसे स्वैच्छिक संगठनों  द्वारा संचालित संस्थाओं में जनजातियों के व्यक्तियों की संख्या का अनुपात 50 प्रतिशत होना आवश्यक है।

क्र.स.

सस्था का नाम

संस्था द्वारा संचालित प्राईमरी पाठशालाओं की सूची

1

भोटिया जनजाति सेवा  गूलरभोज ऊधमसिंहनगर

1. जनजाति प्रा.पा.जगनपुरी, ऊधमसिहनगर

2. जनजाति प्रा.पा. भजपुरी, ऊधमसिहनगर

3. जनजाति प्रा.पा.भटभोजहीरा, ऊधमसिहनगर

4. जनजाति प्रा.पा. भूडियाखानपुर, ऊधमसिहनगर

2

सर्वेन्टस ऑफ सोसाइटी बाजपुर जनपद ऊधमसिहनगर

1. प्राथमिक पाठशाला अजीमुल्ला बाजपुर, ऊधमसिहनगर।

2. प्राथमिक पाठशाला भूड़ी बन्नाखेड़ा बाजपुर, ऊधमसिहगनर।

3. प्राथमिक पाठशाला विजय रम्पुरा बाजपुर, ऊधमसिहगनर।

4. प्राथमिक पाठशाला दोपुलिया गदरपुर, ऊधमसिहनगर।

5. प्राथमिक पाठशाला मजरानसिह गदरपुर, ऊधमसिहनगर।

6. प्राथमिक पाठशाला मजराविधि गदरपुर, ऊधमसिहगनर।

7. प्राथमिक पाठशाला धूरिया बाजपरु, ऊधमसिहनगर।

8. प्राथमिक पाठशाला विडौरा सितरागंज,  ऊधमसिहनगर।

9. प्राथमिक पाठशाला कोपा बसन्ता गूलरभोज, ऊधमसिहनगर।

10. प्राथमिक पाठशाला खटोला न0 2, ऊधमसिहनगर।

11. प्राथमिक पाठशाला रम्पुरा हरसार बाजपुर, ऊधमसिहनगर।

12. प्राथमिक पाठशाला ठोठुपुरा बाजपुर, ऊधमसिहनगर।

13.प्राथमिक पाठशाला ढांकी बाजपुर, ऊधमसिहनगर।

14. प्राथमिक पाठशाला भटपुरी बाजपुर, ऊधमसिहनगर।

3

भोटिया जनजाति कल्याण शिक्षा समिति बलुवाकोट जनपद पिथौरागढ

1. प्राथमिक पाठशाला छारछुम पिथौरागढ।

2. प्राथमिक पाठशाला घाटीबगड पिथौरागढ।

3. प्राथमिक पाठशाला धूरा पिथौरागढ।

4

इन्दिरा राष्ट्रीय चेतना एवं समाजोत्थान रायवाला देहरादून

1. प्राथमिक पाठशाला बोक्सा बस्ता छिदरवाला, देहरादून।

2. प्राथमिक पाठशाला बोक्सा जनजाति रायवाला, देहरादून।

3. प्राथमिक पाठशाला बोक्सा बस्ती गढ़ीश्यामपुर, देहरादून।

13.    अनुसूचित बाहुल्य जनजाति क्षेत्रों में अवस्थापना सुविधाओं का विकास

                अनुसूचित जनजतियों के बाहुल्य ग्रामों में पेयजल व्यवस्था, मोटर मार्ग/झूला पुल/पुल/पुलिया, सम्पर्क मार्ग, विद्युतीकरण, नाली एवं जल निकास व्यवस्था, शौचालय, सामुदायिक प्रयोग के भवनों का निर्माण, जैसे बारात घर/ सामुदायिक मिलन केन्द्र, विभिन्न अवस्थापना सुविधाओं में अवशिष्ठ कार्य (Critical gap) सिचाई व्यवस्था, क्रीड़ा स्‍थलो का विकास, सामाजिक वनीकरण, चारा व बायोफ्यूल के लिए सामुदायिक व्यवस्था, सार्वजनिक मार्गो पर प्रकाश व्यवस्था आदि की योजनाओं का संचालन किया जा रहा है।

14.  गौरा देवी कन्याधन योजना

                इस योजनान्तर्गत बी.पी.एल. परिवार के अनुसूचित जनजाति की बालिकाओं को इण्टरमीडिएट परीक्षा उत्तीर्ण करने पर ’’गौरा देवी कन्याधन योजना’’ के रूप में रू. 50,000.00 की राष्ट्रीय बचत पत्र के रूप में प्रदान की जाती है।

पात्रता:-

1.   योजनान्तर्गत गरीबी की रेखा से नीचे निवास कर रहे अनुसूचित जनजातियों एवं गरीबी रेखा से नीचे निवास कर रहे समस्त परिवारों की ऐसी बालिकाऐं पात्र होगी, जिन्होने राज्य में स्थित केन्द्र सरकार/राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त बोर्ड के अधीन किसी विद्यालय से इण्टरमीडिएट या समकक्ष परीक्षा उत्तीर्ण की हो। योजना के अन्तर्गत संस्थागत तथा व्यक्तिगत दोनो प्रकार की छात्राएं पात्र होंगी, परन्तु व्यक्तिगत छात्राओं के मामले में छात्रा अविवाहित होना चाहिए तथा उसकी आयु अनुदान स्वीकृत होने के वर्ष की 01 जुलाई को 25 वर्ष से अधिक नही होनी चाहिए।

2.   आय का प्रमाण-पत्र ग्रामीण क्षेत्र में आर्थिक रजिस्टर के आधार पर बी.पी.एल. क्रमांक अंकित अथवा वार्षिक आय रू0 15976 के आय प्रमाण पत्र तथा शहरी क्षेत्र में रू0 21206 की वार्षिक आय प्रमाण पत्र जो राजस्व विभाग के सक्षम अधिकारी जिसका स्तर तहसीलदार से कम न हो के आधार पर मान्‍य होगा, संलग्न करना अनिवार्य है।

3.   पूर्णकालिक/अंशकालिक रूप से सेवायोजित छात्रा इस सुविधा हेतु अर्ह नही होंगी।

4.   एक दम्पति की अधिकतम दो पुत्रियो को ही योजना से लाभान्वित किया जा सकेंगा।

अनुसूचित जनजातियों का संक्षिप्त विवरण